वो अजीज मेरे किस काम का है?

तुम्हें बताती हूँ अपनी तकलीफें खुदा,फिर वो अजीज मेरे किस काम का है?खुद से खुद को बहलाती हूँ सदा,फिर वो अजीज मेरे किस काम का है? गैरों के साथ बिताती हूँ वक़्त तो बता,फिर वो अजीज मेरे किस काम का है? झूठी तस्सल्ली दे करती हूँ दिल को रजा,फिर वो अजीज मेरे किस काम का […]

ऐसे होते हैं पिता

father

आज फिर से मेरे पिता के साथ वाला बचपन याद आया है,बेटी हूँ कभी उन्होंने ये महसूस नहीं होने दिया। हमेशा बेटे की तरह दुनिया दिखाया,सबसे लड़कर पढ़ाया-लिखाया,अपने पैरों पर चलना सिखाया। जब भी रूठी मैं, उन्होंने प्यार से मनाया,बाहर से बेशक सख्त पर भीतर से हमेशा उन्हें नर्म ही पाया,कुदरत की मेहरबानी उन्होंने ऐसा […]

Feeling

You never want to cryYou know you first gave a better try…But nobody gonna feel itOnly you yourself can heel it…When you get stressed upEverything gets messed up…Everyone is there to give you a shitNobody exists for you who can perfectly fit…Sometimes you feel that much aloneYou pick up your phoneYour heart says go on […]

लड़की या इंसान

माना Pink बहुत सुंदर है पर रॉयल ब्लू हमें भी पसंद है,हाँ, rights तो बहुत दे दी है तुमने, पर जाकर देखो लाखों पंछी अभी भी पिंजरे में बंद हैं। हो सकता है तुम्हें feminism गलत लगता हो,लड़कियों को 33% reservation, ये बहुत चुभता हो। अरे हम नहीं कहते reservation दो,पर compitition की जगह education […]

सिकंदर कौन

टूटा हुआ शख़्स अक़सर हार जाता है,
जो हँसता हुआ जीता है, वो सिकंदर कहलाता है।

मेरा एक ही संसार है

मेरा एक ही संसार है, उससे प्रेम बेसुमार है। बस एक उस पुष्प से, मेरी ज़िंदगी गुलज़ार है। मेरा एक ही संसार है, उससे प्रेम बेसुमार है। इस प्रेमी प्रेमिका का है ऐसा अटूट बन्धन, जैसे हो किसी सुहागन के हाथ का कंगन । उसकी एक खुशी के लिए, मेरी सारी खुशियाँ कुर्बान है। मेरा […]

जिन्दगी और लाचार लोग

क्या है ज़िन्दगी, कैसी है जिंदगी; समझना थोड़ा मुश्किल है, कितने ही अड़चनो के बाद भी कहती है; हारो मत, तुम्हें जीना है; सकारात्मकता इस कदर तब्दील है। क्या कुछ नहीं सिखाती है, जीने का मक़सद बताती है, निर्लज्ज मनुष्यों के लाख कोसने के बाद भी समझाती है, मूर्ख इन्सान; यह वक़्त समस्याओं से भागने […]

वियोग से क्षुब्ध नैन

मेरे दो अनूप नैन,
वेदना से हो रहे बेचैन।

पकड़े कामना की डोरी,
रजनी में रोती चोरी-चोरी।
वियोग से क्षुब्ध मेरे नैन,
वेदना से हो रहे बेचैन।

घूँघट की ओट से

इश्क़ करूँगी घूँघट की ओट से,
चाहे पीड़ित रहूँ दिल पे लगे चोट से,
तुम क्या ख़ाक समझ पाओगे मुझे,
दर्द है मेरे दिल मे, खुशी है बस होठ पे।

अपने जज़्बात मैं सबसे छुपाउंगी,
मन ही मन बस तुमको ही चाहूँगी
राधा ना सही,
मीरा बन जाऊँगी।

होगी तुम्हारे लिए बहुत राधा जैसी,

क़ाश मेरे पास भी कोई होता..

क़ाश मेरे पास भी कोई होता मेरे साथ मेरा एहसास भी कोई होता ये मेरे दर्द भी थोड़े कम होते ऐसे अपनो के दिए ज़ख्म न होते वो भी मेरी क़दर करता मैं भी उसका ख़्याल रखती वो मेरी ख़ातिर जीता और मैं उसपर मरती ज़िन्दगी में इतने गम न होते, मेरी आंखें कभी नम […]